कोरी डेम कोटा में बाढ़ आपदा से निपटने का मॉक एक्सरसाइज,SDRF और होमगार्ड ने बाढ़ में फंसे व्यक्ति के रेस्क्यू का किया हूबहू प्रदर्शन, कलेक्टर-एसएसपी ने परखी तैयारियां।


कोरी डेम कोटा में बाढ़ आपदा से निपटने का मॉक एक्सरसाइज,SDRF और होमगार्ड ने बाढ़ में फंसे व्यक्ति के रेस्क्यू का किया हूबहू प्रदर्शन, कलेक्टर-एसएसपी ने परखी तैयारियां
बिलासपुर, । बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से गुरुवार को कोटा स्थित कोरी डेम में मॉक एक्सरसाइज आयोजित की गई। कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह की मौजूदगी में हुए इस अभ्यास में एसडीआरएफ एवं होमगार्ड की टीमों ने हिस्सा लिया।
मॉक एक्सरसाइज के दौरान बाढ़ में फंसे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने की पूरी प्रक्रिया का वास्तविक परिस्थितियों जैसा प्रदर्शन किया गया। सूचना मिलने से लेकर रेस्क्यू टीम के घटनास्थल तक पहुंचने, स्थिति का आकलन करने, बचाव उपकरणों के इस्तेमाल और प्रभावित व्यक्ति को सुरक्षित निकालने तक की कार्रवाई को व्यवहारिक रूप से प्रदर्शित किया गया।

एसडीआरएफ एवं होमगार्ड के जवानों ने डेम के जलक्षेत्र में उतरकर रेस्क्यू ऑपरेशन का प्रदर्शन किया। इस दौरान टीमों के बीच आपसी समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया, संचार व्यवस्था और उपलब्ध संसाधनों की उपयोगिता को भी परखा गया।
आपदा उपकरणों का किया निरीक्षण मौके पर विभिन्न प्रकार के बचाव एवं आपदा प्रबंधन उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने उपकरणों का अवलोकन कर उनके उपयोग की जानकारी ली। अधिकारियों ने रेस्क्यू टीम के जवानों से आपात परिस्थितियों में उपकरणों के संचालन एवं उपयोग की प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि आपदा प्रबंधन में समय पर प्रतिक्रिया और सही तरीके से किया गया बचाव कार्य जीवन बचाने में सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, होमगार्ड और स्थानीय अमले के बीच बेहतर समन्वय को जरूरी बताते हुए कहा कि मॉक एक्सरसाइज का उद्देश्य वास्तविक आपदा के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों को पहले से पहचानकर तैयारियों को मजबूत करना है।
उन्होंने संबंधित टीमों को सभी संसाधनों और उपकरणों को हमेशा तैयार स्थिति में रखने तथा आपदा की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- नियमित अभ्यास से बढ़ती है रेस्क्यू क्षमता
एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि बाढ़ अथवा किसी भी आपदा की स्थिति में पुलिस और बचाव दल की त्वरित कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण होती है। वास्तविक घटनाओं में परिस्थितियां कई बार बेहद चुनौतीपूर्ण होती हैं, ऐसे में नियमित अभ्यास जवानों को विपरीत परिस्थितियों में बेहतर ढंग से कार्य करने का अनुभव देता है। उन्होंने कहा कि मॉक एक्सरसाइज के जरिए टीमों के बीच समन्वय, संचार व्यवस्था और रेस्क्यू ऑपरेशन की व्यवहारिक क्षमता को परखा गया है। उन्होंने जवानों से आपदा के समय धैर्य, सतर्कता और पूरी सावधानी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

अभ्यास के दौरान यह भी देखा गया कि जलभराव अथवा बाढ़ में फंसे लोगों तक राहत दल कितनी तेजी से पहुंच सकता है और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है। अधिकारियों ने अभ्यास के दौरान सामने आए विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए आपदा की स्थिति में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने देने पर जोर दिया।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर ज्योति पटेल, एडिशनल एसपी मधुलिका सिंह, होमगार्ड डीआईजी एल.पी. वर्मा, डिवीजनल कमांडेंट होमगार्ड नरसिंह नेताम, एसडीएम प्रवेश पैकरा, डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड एवं एसडीआरएफ दीपांकुर नाथ, डिप्टी कलेक्टर भवानी साव एवं सालिकराम गुप्ता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बचाव दल के जवान मौजूद रहे। मॉक एक्सरसाइज के माध्यम से प्रशासन ने बाढ़ एवं आपदा के समय त्वरित, सुरक्षित और समन्वित राहत-बचाव कार्रवाई के लिए अपनी तैयारियों को व्यवहारिक रूप से परखा।







