
कांकेर। छत्तीसगढ़ वन लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ द्वारा 1 अप्रैल 2026 से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। संघ ने यह निर्णय विभाग प्रमुख के साथ हुई चर्चा और मांगों पर सकारात्मक पहल के आश्वासन के बाद लिया है।
संघ द्वारा पूर्व में जारी सूचना के अनुसार, विभिन्न मांगों को लेकर चार चरणों में आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई थी। इसी क्रम में 16 मार्च से प्रदेशभर के वन मंडलों और वृत्तों में कर्मचारियों ने काली पट्टी लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। कर्मचारियों का मुख्य मुद्दा लिपिकीय संवर्ग के पदों में वृद्धि और सेटअप पुनरीक्षण से जुड़ा हुआ था।Strike Latter to all 2026 Stricke withdraw (2) DocScanner Mar 18, 2026 11-05 AMमामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग प्रमुख ने 23 मार्च 2026 को वन मुख्यालय में संघ पदाधिकारियों की बैठक बुलाई। बैठक में संघ की मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि लिपिकीय संवर्ग के पदों में वृद्धि का प्रस्ताव प्रशासनिक स्तर पर स्वीकृत हो चुका है। साथ ही वित्त विभाग द्वारा वर्तमान बजट सत्र में 50 प्रतिशत पदों की स्वीकृति प्रदान की गई है, जबकि शेष 50 प्रतिशत पदों की स्वीकृति जुलाई 2026 के अनुपूरक बजट में दी जाएगी।DocScanner Mar 18, 2026 11-05 AM
विभागीय आश्वासन के बाद संघ ने निर्णय लिया कि फिलहाल आंदोलन को स्थगित किया जाए। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि जुलाई 2026 तक शेष पदों की स्वीकृति नहीं मिलती है, तो 1 अगस्त 2026 से पुनः चरणबद्ध तरीके से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
संघ के प्रांतीय अध्यक्ष ने सभी कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन की एकजुटता के कारण ही यह सकारात्मक पहल संभव हो पाई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शासन जल्द ही सभी लंबित मांगों को पूरा करेगा, जिससे कर्मचारियों में संतोष का माहौल बनेगा।

