अपराधकोटा न्यूज़बिलासपुर संभागरमेश भट्ट - एडिटर& चीफ।

शासकीय वन में अवैध कटाई और कब्जे के मामले में चार आरोपी गिरफ्तार, जमानत याचिका खारिज,

शासकीय वन में अवैध कटाई और कब्जे के मामले में चार आरोपी गिरफ्तार, जमानत याचिका खारिज,

बिलासपुर। रतनपुर वन परिक्षेत्र के बानाबेल सर्किल अंतर्गत बीट छतौना के संरक्षित वन कक्ष क्रमांक 2548 में शासकीय वन भूमि पर अवैध कटाई, आग लगाकर वन उपज नष्ट करने और जमीन पर कब्जा करने के मामले में वन विभाग ने चार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। आरोपियों की जमानत याचिका भी न्यायालय ने खारिज कर दी।वन विभाग के अनुसार, 12 जुलाई 2026 को आरोपियों द्वारा बगुड़ा नाला के किनारे स्थित शासकीय वन क्षेत्र में साल, साजा सहित अन्य मूल्यवान प्रजातियों के पेड़ों की कटाई-छंटाई की गई। इसके बाद कटे हुए ठूंठों में आग लगाकर उन्हें जलाया गया तथा वन भूमि की जुताई कर अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास किया गया।विभाग का कहना है कि आरोपियों को पूर्व में कई बार समझाइश दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद अवैध कटाई और वन भूमि पर कब्जे का सिलसिला जारी रहा। लगातार कटाई-सफाई से वन्यप्राणियों के रहवास स्थल प्रभावित होने के साथ मृदा क्षरण और जैव विविधता को नुकसान पहुंचने की बात भी सामने आई है। वन भूमि का गैर-वानिकी कार्य में उपयोग किए जाने तथा शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में सभी आरोपियों के विरुद्ध पीओआर दर्ज किया गया।कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, कोटा, जिला बिलासपुर के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय के आदेश पर आरोपियों को 13 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक 13 दिनों के न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल किया गया। जमानत आवेदन पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपियों की जमानत याचिका निरस्त कर दी।

ये हैं आरोपी

जगतराम टोप्पो, पिता निरंजन टोप्पो, उम्र 32 वर्ष
सुखराम टोप्पो, पिता निरंजन टोप्पो, उम्र 30 वर्ष
मनदेव लकड़ा, पिता संगाराम, उम्र 46 वर्ष
सहदेव लकड़ा, पिता संगाराम, उम्र 49 वर्ष
सभी आरोपी ग्राम बंगलाभांटा, थाना रतनपुर, जिला बिलासपुर के निवासी   हैं।

इन धाराओं के तहत कार्रवाई

वन विभाग के अनुसार आरोपियों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 33 तथा भारतीय वन (छत्तीसगढ़ संशोधन) अधिनियम, 2014 की संबंधित धाराओं के साथ वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 की धारा 2, जैव विविधता अधिनियम, 2002 की धारा 3(ग), 7, 55(2), 58 तथा लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 की धारा 3(2) के तहत कार्रवाई की गई है।वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि संरक्षित वन क्षेत्र में अवैध कटाई, अतिक्रमण और गैर-वानिकी गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।

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