कोटा–पंडरापथरा प्रधानमंत्री सड़क बदहाल, जगह-जगह गड्ढों से राहगीरों का आवागमन दुभर।


कोटा–पंडरापथरा प्रधानमंत्री सड़क बदहाल, जगह-जगह गड्ढों से राहगीरों का आवागमन दुभर।
बारिश ने खोली सड़क निर्माण की पोल, गड्ढों में भरा पानी; पूर्व जनपद अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने दी आंदोलन की चेतावनी
कोटा। कोटा से पंडरापथरा को जोड़ने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़क इन दिनों बदहाली का दंश झेल रही है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिनमें बारिश का पानी भर जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तस्वीर में सड़क की स्थिति साफ दिखाई दे रही है, जहां कई हिस्सों में सड़क गड्ढों में तब्दील नजर आ रही है।


बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ चारपहिया वाहन चालकों को भी दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की हालत लगातार खराब होती जा रही है, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा समय रहते मरम्मत नहीं कराए जाने से समस्या गंभीर होती जा रही है।
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मरम्मत के अभाव में बढ़ती जा रही परेशानी
कोटा–पंडरापथरा मार्ग क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण आवागमन का रास्ता है। प्रतिदिन ग्रामीण इसी सड़क से बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आवागमन करते हैं। सड़क पर बने गड्ढों के कारण वाहन चलाना मुश्किल हो गया है। बारिश के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है।
ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से सड़क का निरीक्षण कर गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराने और सड़क की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।
आंदोलन और पीएमजीएसवाई कार्यालय घेराव की चेतावनी
सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर पूर्व जनपद अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने के बावजूद मरम्मत की दिशा में गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। यदि जल्द ही गड्ढों की मरम्मत नहीं कराई गई और सड़क को आवागमन के योग्य नहीं बनाया गया, तो वे ग्रामीणों के साथ आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
संदीप शुक्ला ने पीएमजीएसवाई कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी देते हुए कहा कि ग्रामीणों की समस्या को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने विभाग से तत्काल सड़क की मरम्मत कराकर आवागमन सुचारू कराने की मांग की है।
अब देखना होगा कि विभाग ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए कब तक सड़क की मरम्मत शुरू करता है।







