अरपा-भैंसाझार बैराज के गेट खोले जाने की संभावना, जल संसाधन विभाग ने जारी की चेतावनी।

अरपा-भैंसाझार बैराज के गेट खोले जाने की संभावना, जल संसाधन विभाग ने जारी की चेतावनी।
28 एवं 29 अक्टूबर को भारी बारिश के पूर्वानुमान के मद्देनजर नदी तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की अपील
कोटा/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में आगामी 28 एवं 29 अक्टूबर 2026 को संभावित भारी बारिश को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने अरपा नदी के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए सतर्कता संबंधी सूचना जारी की है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना को ध्यान में रखते हुए अरपा-भैंसाझार बैराज के जलस्तर एवं जलप्रवाह को नियंत्रित करने के लिए आवश्यकता पड़ने पर बैराज के गेट खोले जा सकते हैं।
जल संसाधन संभाग कोटा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि बैराज के गेट खोले जाने से अरपा नदी के जलस्तर एवं जलप्रवाह में वृद्धि होने की संभावना है। इसे देखते हुए नदी के आसपास रहने वाले ग्रामीणों और आम नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।

नदी के आसपास जाने से बचें
विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अरपा नदी के तट एवं जलप्रवाह वाले क्षेत्रों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। नदी में उतरने, नहाने, मछली पकड़ने तथा अन्य जोखिमपूर्ण गतिविधियों से बचें। विशेष रूप से नदी के आसपास रहने वाले ग्रामीणों, पशुपालकों एवं मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।विभाग ने यह भी कहा है कि लोग अपने परिवार के सदस्यों और पशुओं को नदी के किनारे जाने से रोकें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रशासन के निर्देशों का करें पालन
जल संसाधन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि बैराज के गेटों के संचालन एवं नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
जल संसाधन विभाग का संदेश है—
“सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। नदी के तट से दूर रहें, आपकी सुरक्षा सर्वोपरि है।”
नोट: विभाग ने यह सूचना संभावित भारी बारिश के मद्देनजर जारी की है। बैराज के गेट खोले जाने की स्थिति में नदी के जलस्तर में वृद्धि हो सकती है, इसलिए नागरिकों को पहले से सावधानी बरतने की आवश्यकता है।



