अपेक्स इंटरनेशनल स्कूल के 65 छात्र-छात्राओं ने किया विशाखापट्टनम और अराकू वैली का शैक्षणिक भ्रमण मर्चेंटाइल मरीन डिपार्टमेंट में बच्चों ने जाना समुद्री क्षेत्र में करियर बनाने का अवसर, चार दिवसीय भ्रमण में ऐतिहासिक स्थलों और प्राकृतिक सौंदर्य से हुए रूबरू।

अपेक्स इंटरनेशनल स्कूल के 65 छात्र-छात्राओं ने किया विशाखापट्टनम और अराकू वैली का शैक्षणिक भ्रमण मर्चेंटाइल मरीन डिपार्टमेंट में बच्चों ने जाना समुद्री क्षेत्र में करियर बनाने का अवसर, चार दिवसीय भ्रमण में ऐतिहासिक स्थलों और प्राकृतिक सौंदर्य से हुए रूबरू।
कोटा/पाली। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, व्यावहारिक ज्ञान और करियर संबंधी जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अपेक्स इंटरनेशनल हायर सेकेंडरी स्कूल, करगी रोड कोटा एवं पाली ब्रांच के 65 छात्र-छात्राओं ने चार दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों को विशाखापट्टनम (वाइजैग) और अराकू वैली के प्रमुख शैक्षणिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया गया। इस शैक्षणिक यात्रा में बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ वास्तविक परिस्थितियों को समझने और भविष्य में करियर के नए विकल्पों की जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।
मर्चेंटाइल मरीन डिपार्टमेंट में जाना समुद्री क्षेत्र में करियर का अवसर
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने सर्वप्रथम आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम स्थित भारत सरकार के मर्चेंटाइल मरीन डिपार्टमेंट (MMD) का भ्रमण किया। यहां विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय वाणिज्यिक पोतों, क्रूज संचालन तथा समुद्री परिवहन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
इस दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि समुद्री क्षेत्र में किस प्रकार करियर बनाया जा सकता है और इसके लिए कौन-कौन से शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकल्प उपलब्ध हैं। इस जानकारी से विद्यार्थियों को भविष्य की संभावनाओं को समझने और अपने करियर के प्रति जागरूक होने का अवसर मिला।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, इस प्रकार की जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचाने की यह एक विशेष पहल रही, जिसके माध्यम से बच्चों को समुद्री क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार एवं करियर के विकल्पों से परिचित कराया गया।
एयरक्राफ्ट और सबमरीन म्यूजियम का किया अवलोकन
विशाखापट्टनम में विद्यार्थियों ने आर.के. बीच स्थित एयरक्राफ्ट म्यूजियम और सबमरीन म्यूजियम का भी भ्रमण किया। यहां बच्चों ने विमानन क्षेत्र, पनडुब्बियों की कार्यप्रणाली और उनसे जुड़ी तकनीकी जानकारियों को करीब से समझा।
इन संग्रहालयों के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान, तकनीक, रक्षा क्षेत्र और देश की समुद्री सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुईं। इस अनुभव ने बच्चों की जिज्ञासा बढ़ाने के साथ-साथ उनके ज्ञान के दायरे को भी विस्तृत किया।
अराकू वैली में प्रकृति और जनजातीय संस्कृति से हुए परिचित
विशाखापट्टनम के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए अराकू वैली में भी शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। यहां बच्चों ने प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के साथ क्षेत्र की संस्कृति, इतिहास और स्थानीय जीवनशैली को करीब से जाना।
विद्यार्थियों ने सनराइज व्यू पॉइंट, प्रसिद्ध बोरा केव, आंध्र प्रदेश की आदिवासी जनजातियों से संबंधित संग्रहालय, चॉकलेट फैक्ट्री और वुडन स्टेयर सहित विभिन्न प्रमुख स्थलों का भ्रमण किया। इस दौरान बच्चों को प्राकृतिक वातावरण, स्थानीय संस्कृति और पर्यटन स्थलों के महत्व को समझने का अवसर मिला।
विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों का रहा विशेष योगदान
इस चार दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण का नेतृत्व विद्यालय के संचालक श्री गणेश जायसवाल ने किया। उनके साथ विद्यालय के संचालक साथी श्री तारक नाथ जैसवारा एवं श्री अमित सोनी भी उपस्थित रहे।
भ्रमण को सफल बनाने में आकांक्षा दुबे मैम, अमन पांडे, योगेश सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। विद्यार्थियों की सुविधा, सुरक्षा और शैक्षणिक गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से संचालित करने में सभी ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
वहीं, इस शैक्षणिक भ्रमण के आयोजन में बिलासपुर के इंद्रलोक होलीडेज टूर के संचालक श्री एस.एन. पांडे एवं श्री राहुल पांडे और उनकी टीम का भी सहयोग प्राप्त हुआ।
शिक्षा के साथ अनुभव और संस्कारों का संगम
चार दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और यादगार रहा। इस यात्रा के माध्यम से बच्चों ने न केवल विभिन्न स्थलों का भ्रमण किया, बल्कि विज्ञान, तकनीक, समुद्री परिवहन, करियर के अवसरों, प्रकृति और जनजातीय संस्कृति के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं।विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, जिज्ञासा, व्यावहारिक ज्ञान और व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अपेक्स इंटरनेशनल हायर सेकेंडरी स्कूल कोटा एवं पाली की यह पहल विद्यार्थियों को किताबी शिक्षा के साथ वास्तविक दुनिया का अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।



