बेलगाहना तहसील का मामला मार्ग पर कब्जे का आरोप, स्कूल जाने वाले बच्चों की बढ़ी परेशानी।


बेलगाहना तहसील का मामला मार्ग पर कब्जे का आरोप, स्कूल जाने वाले बच्चों की बढ़ी परेशानी।
बिलासपुर/बेलगहना। ग्राम पंचायत केकराडीह के फुलवारीपारा से केकराडीह जाने वाले आम रास्ते को कथित रूप से धान की फसल बोकर और फेंसिंग कर अवरुद्ध किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने इस संबंध में तहसीलदार बेलगहना को लिखित शिकायत सौंपकर मार्ग को तत्काल खुलवाने की मांग की है।ग्रामीणों के अनुसार, उक्त मार्ग का उपयोग फुलवारीपारा, केकराडीह सहित आसपास के ग्रामीण प्रतिदिन आवागमन के लिए करते हैं। आरोप है कि गांव के ही समुन्दसिंह श्याम द्वारा निजी स्वार्थ के चलते आम रास्ते पर धान बोकर फेंसिंग कर दी गई है, जिससे लोगों का आवागमन बाधित हो गया है।मार्ग बंद होने से शासकीय हाई स्कूल केकराडीह एवं शासकीय माध्यमिक शाला केकराडीह में पढ़ने वाले करीब 15 से 20 छात्र-छात्राओं को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए करीब 5 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर घूमकर जाना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीणों के मुताबिक, रास्ता बंद होने से राशन दुकान, अस्पताल और कृषि कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मामले को लेकर ग्रामीणों, पालकों तथा पंचायत प्रतिनिधियों ने तहसीलदार से मौका निरीक्षण कर जांच कराने, आम रास्ता तत्काल खुलवाने तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।शिकायत की प्रतिलिपि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कोटा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी कोटा तथा थाना प्रभारी बेलगहना को भी दी गई है। ग्रामीणों ने रास्ता शीघ्र बहाल नहीं होने पर उच्च अधिकारियों के समक्ष भी मामला उठाने की बात कही है।

अब नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है—क्या स्कूली बच्चों और ग्रामीणों के लिए बंद पड़ा यह आम रास्ता जल्द खुलेगा?







