खेल जीवन में अनुशासन,एकाग्रता और निरंतर अभ्यास सिखाता है:अमर अग्रवाल
खिलाड़ी सम्मान समारोह में प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के 25 खेलों के करीब 500 खिलाड़ियों का सम्मान


बिलासपुर।विधायक एवं पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में स्वर्गीय लखीराम स्मृति क्रिकेट आयोजन समिति एवं जिला ओलंपिक संघ के संयुक्त तत्वावधान में यश पैलेस, बिलासपुर में खिलाड़ी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर विधायक अमर अग्रवाल एवं प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव जी शामिल हुए और प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 25 खेलों के करीब 500 खिलाड़ियों का सम्मान किया।
सम्मान समारोह में हॉकी के 44, क्रिकेट के 65, बैडमिंटन के 21, रायफल के 5, शतरंज के 5, दिव्यांग तैराकी के 10, पेंचक शिला मार्शल आर्ट के 10, तीरंदाजी के 15, कराते के 36, तैराकी के 29, बास्केटबॉल के 30, हैंडबॉल के 32, ताइक्वांडो के 25, सॉफ्टबॉल के 20 और एथलेटिक्स के 28 खिलाड़ियों सहित विभिन्न खेलों से जुड़े करीब 500 खिलाड़ियों का सम्मान किया गया। सम्मान से खिलाड़ियों में उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ। खिलाड़ियों ने कहा कि अमर अग्रवाल ने हमेशा खिलाड़ियों और युवाओं की मेहनत एवं प्रतिभा को प्रोत्साहित किया है और उन्हें आगे बढ़ने के लिए अवसर एवं मंच उपलब्ध कराने में सहयोग किया है।उपमुख्यमंत्री अरुण साव जी ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास एवं नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर के खिलाड़ियों ने विभिन्न स्तरों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर शहर का गौरव बढ़ाया है।

“अमर अग्रवाल ने कहा कि खेल केवल जीत और हार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन में अनुशासन, एकाग्रता, निरंतर अभ्यास और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करता है। खेल के मैदान में हार भी खिलाड़ी को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। हार के बाद खिलाड़ी अपनी कमियों को पहचानकर और बेहतर तैयारी करता है तथा निरंतर अभ्यास के माध्यम से अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ता है।”
उन्होंने कहा कि खेल को हमारे जीवन का आवश्यक हिस्सा होना चाहिए। बचपन से खेलों से जुड़ने से व्यक्ति अधिक ऊर्जावान रहता है और उसके भीतर सकारात्मक सोच विकसित होती है। जीवन में परिस्थितियां हमेशा एक जैसी नहीं रहतीं। कभी परिस्थितियां मन के अनुकूल होती हैं तो कभी प्रतिकूल, ऐसे समय में बिना विचलित हुए चुनौतियों का सामना करने और समाधान तलाशने की क्षमता खेल के मैदान से सीखी जा सकती है।
अग्रवाल ने कहा कि एकाग्रता और निरंतर अभ्यास जीवन में सफलता के लिए बेहद जरूरी हैं। महाभारत में अर्जुन के उदाहरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लक्ष्य के प्रति एकाग्रता और निरंतर अभ्यास व्यक्ति को आगे बढ़ने की शक्ति देते हैं। खेल खिलाड़ियों में यही एकाग्रता, अनुशासन और संघर्ष की भावना विकसित करता है।उन्होंने कहा कि युवाओं को सकारात्मक दिशा देने में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। खेल के माध्यम से युवा अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाते हैं और अपने लिए नए अवसर तैयार करते हैं। इसलिए खेलों को बढ़ावा देना केवल खिलाड़ियों के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक समाज के निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि बिलासपुर खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने की बेहतर संभावनाओं वाला शहर है। इसी उद्देश्य से इस आयोजन के माध्यम से शहर के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें प्रदेश, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। समिति का उद्देश्य है कि बिलासपुर के खिलाड़ी उच्च स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करें और खेल के क्षेत्र में बिलासपुर की पहचान और मजबूत हो।







