फर्जी कॉलेज का खेल: बाहर भव्य किराये का भवन, अंदर एक कमरे से संचालन; सीटों के नाम पर पैसों का बंदरबांट।

फर्जी कॉलेज का खेल: बाहर भव्य किराये का भवन, अंदर एक कमरे से संचालन; सीटों के नाम पर पैसों का बंदरबांट
बिलासपुर। जिले में संचालित एक कथित कॉलेज की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। कॉलेज प्रबंधन पर आरोप है कि उसने बड़े और आकर्षक भवन का दिखावा कर छात्रों एवं अभिभावकों को प्रभावित किया, जबकि वास्तविक शैक्षणिक गतिविधियां बेहद सीमित संसाधनों के बीच संचालित की जा रही हैं। मिली जानकारी के अनुसार, कॉलेज के नाम पर बाहर से भव्य परिसर और आधुनिक सुविधाओं का प्रचार किया जाता है, लेकिन वास्तविकता में संस्थान का संचालन महज एक कमरे तक सीमित बताया जा रहा है। आरोप है कि न तो पर्याप्त कक्षाएं उपलब्ध हैं और न ही छात्रों के लिए आवश्यक शैक्षणिक संसाधनों की व्यवस्था की गई है। सीटों के नाम पर वसूली के आरोप
सूत्रों का दावा है कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान सीट सुनिश्चित कराने के नाम पर छात्रों से मोटी रकम वसूली जा रही है। आरोप यह भी हैं कि दाखिला प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है और पात्रता के बजाय आर्थिक लेन-देन को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे योग्य एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों के अवसर प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
अभिभावकों और छात्रों में नाराजगी
कॉलेज की व्यवस्थाओं को लेकर कई छात्रों और अभिभावकों ने असंतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि संस्थान द्वारा किए गए दावों और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर है। स्थानीय लोगों ने भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
शिक्षा व्यवस्था पर सवाल शिक्षा क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है तो यह न केवल छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाएगा। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई आवश्यक है ताकि शिक्षा के नाम पर होने वाली अनियमितताओं पर रोक लग सके।
शिकायतें पहुंचीं अधिकारियों तक
मामले को लेकर संबंधित विभागीय अधिकारियों को शिकायतें किए जाने की जानकारी सामने आई है। अब लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कौन है वह सफेदपोश संचालक, जिसके इशारों पर चल रहा है पूरा खेल?
किसके संरक्षण में वर्षों से जारी हैं ये कथित अनियमितताएं?
और किन-किन लोगों की भूमिका जांच के घेरे में आ सकती है?
पढ़िए अगली कड़ी में इस पूरे नेटवर्क का बड़ा खुलासा।




