घाट तो है वैध लेकिन ठेकेदार की मनमानी से बना अवैध,रात दिन चैन माउन्टेन मशीन से अरपा नदी की सीना हो रही छलनी।

घाट तो है वैध लेकिन ठेकेदार की मनमानी से बना अवैध,रात दिन चैन माउन्टेन मशीन से अरपा नदी की सीना हो रही छलनी।
बिलासपुर। जिले के कोटा जनपद पंचायत स्थित ग्रामपंचायत छतौना के सोढ़ा रेत घाट अरपा नदी में रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन थमने का नाम ही नहीं ले रहा। स्वीकृत घाट में माफिया राज, रेत का उत्खनन और परिवहन अवैध तरीके से जारी है, पोकलेन मशीन प्रतिबंध के बावजूद मेनुवल रेत घाट से रेत की खोदाई हो रही है और बेधड़क वाहनों के जरिए परिवहन भी हो रहा है। अरपा के रेत घाटों में सुबह से लेकर पूरी रात रेत की खोदाई चल रही है। रेत की खोदाई के लिए पोकलेन मशीन का उपयोग किया जा रहा है। खोदाई भी ऐसी हो रही है कि अरपा का स्वरूप भी तेजी के साथ बिगड़ रहा है। मनाही के बाद भी माफिया की दबंगाई ऐसी कि दिनदहाड़े चैन माउंटेन मशीनों के जरिए रेत का उत्खनन करा रहे हैं। सुदूर जंगल क्षेत्र में 5 से 10 किलोमीटर तक में रेत उत्खनन पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की रोक रहती है। एनजीटी की स्पष्ट मना है जिसके बाद बाद भी रेत का उत्तखनन और परिवहन अब भी पोकलेन से रात दिन जारी है।
जिम्मेदार अधिकारियों व माफियाओं को हाई कोर्ट का भी नहीं है डर।
- अरपा अर्पण महाभियान समिति की जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच ने अरपा नदी में रेत उत्खनन पर नियम कायदे को ध्यान में रखकर उत्खनन करने को कहा था ,जिसके बाद भी माफियाओं का मनमानी जारी है। साथ ही यह भी कहा है कि एनजीटी के तय मापदंडों के आधार पर रेत घाट स्वीकृत किए जाएं और खोदाई भी उसी मापदंड के अनुरूप हो। अचरज की बात ये कि हाई कोर्ट के निर्देश का भी पालन नहीं हो रहा है। बहरहाल मनमानी करने वाले माफियाओं पर क्या कार्यवाही होती है यह देखने वाली बात है।
सोढ़ा रेत घाट पर मापदंड से अधिक खोदाई जिम्मेदार अधिकारी मौन पार्ट 2,
THE BILASA TIMES पर। संवाददाता रमेश भट्ट✍️




