
बिलासपुर। लोक आस्था व पुरानी सत्य घटना पर आधारित धरती से जुड़ी ऐतिहासिक व धार्मिक पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म “भक्त माँ करमा” इन दिनों खास चर्चा में है। लगभग 1000 साल से अधिक पुरानी आस्था, परंपरा और लोककथाओं को समेटे यह फिल्म दर्शकों के लिए एक अनोखा अनुभव लेकर आने वाली है। लंबे समय से निर्माणाधीन इस फिल्म को निर्देशक अजय खाण्डेकर ने करीब 8 साल के संघर्ष और कड़ी मेहनत के बाद पूरा किया है।
फिल्म का पोस्टर सामने आते ही इसमें दर्शाई गई भव्यता,धार्मिक भावनाएं और ऐतिहासिक झलकियां लोगों का ध्यान खींच रही हैं।इस फिल्म में मंदिर,भक्त व साधु-संतों की परंपरा, ग्रामीण जीवन और भक्ति की गहराई को खूबसूरती से पेश किया गया है। खास बात यह है कि फिल्म की कहानी न केवल आस्था से जुड़ी है, बल्कि भेदभाव दूर कर समाज को जोड़ने और संस्कृति को सहेजने का संदेश भी दिया गया है। निर्माता अजय खाण्डेकर का कहना है कि इस फिल्म को बनाना आसान नहीं था। फिल्म को लेकर उनके जीवन मे काफी उतार चढ़ाव की दौर रहा सीमित संसाधनों और कई ऐसे चुनौतियों और लंबी प्रक्रिया के बावजूद उन्होंने अपने विजन को साकार किया। उनका उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन नहीं,बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ना है। फिल्म के संगीत पक्ष की बात करें तो इसमें देश के हिन्दी फिल्म के नामचीन गायकों ने अपनी आवाज दी है, जिससे इसके गाने पहले से ही चर्चा में हैं।
भक्ति और लोकधुनों का मेल दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने का काम करेगा।यह फिल्म 15 मई 2026 को देश के अलग अलग राज्य के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। इस फिल्म से कई लोग जुडे है जिनकी मेहनत अब रंग लाने वाली है। बता दे की रिलीज से पहले ही फिल्म क्रिटिक्स और दर्शकों के बीच इसे लेकर खासा उत्सुकता बढ़ती जा रही है।इससे पहले भक्त मां कर्मा पर कई फिल्मे आ चुकी है लेकिन इस फिल्म मे हजारो साल पुरानी सच्ची घटना को काफी खोजबीन कर फिल्मांकन किया गया है।




