सरपंच ने की लेटरपेड से फर्जी प्रमाण पत्र जारी पुलिस अधीक्षक से की कार्यवाही की मांग।

सरपंच ने की लेटरपेड से फर्जी प्रमाण पत्र जारी पुलिस अधीक्षक से की कार्यवाही की मांग।
बिलासपुर । जनपद पंचायत कोटा अंतर्गत ग्राम पंचायत नगोई से सरपंच जमुना निरंजन पैकरा द्वारा अपने लेटरपेड में फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने का मामला सामने आया है जिसकी लिखित शिकायत व कार्यवाही की मांग बिलासपुर पुलिस अधीक्षक से की है। बेलगहना निवासी सरोज मानिकपुरी पति जीवनदास मानिकपुरी ग्राम पंचायत नगोई के सरपंच जमुना निरंजन पैकरा द्वारा अपने लेटरपेड में दिनांक 28-12-2024 को जीवनदास मानिकपुरी का विवाह सरोज मानिकपुरी के साथ किसी भी रीति-रिवाज से नहीं होने का प्रमाण पत्र जारी किया गया है।

जो कि साथ ही यह प्रमाणित किया गया कि जीवनदास का विवाह हिन्दु रीति-रिवाज से बिमलेश मानिकपुरी ग्राम घुडदेवा बांकीमोंगरा जिला कोरबा (छ.ग.) के साथ हुआ है। जिनकी दो संतान कमलनयन एवं अनुराग दास है जिसे सरोज मानिकपूरी द्वारा असत्य झूठा बताया गया है, इसके पहले भी जून 2025 में भरण पोषण के तहत गुजारा भत्ता नही देने पर जीवनदास को 1 माह के लिए जेल भी जाना पड़ा था। हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार व्हायता पत्नी के रहने पर दूसरा विवाह करना कानूनन अपराध है। सरोज मानिकपुरी के पुत्र दीपक के समस्त शासकीय दस्तावेजों स्कूली प्रमाण पत्र, बैंक पासबूक, राशन कार्ड आधार कार्ड, पेनकार्ड, मतदाता परिचय पत्र, कोटवार का पंजीकृत दस्तावेज, धारा 126 का फोटो में प्रारंभ से ही पिता का नाम जीवनदास मानिकपुरी दर्ज है। इप परिस्थितियों में भी सरपंच ग्राम पंचायत नगोई जमुना निरंजन पैकरा द्वारा अपने लेटरपेड में फर्जी जानकारी देते हुए प्रमाण पत्र दिया है। प्रार्थी सरोज मानिकपुरी का कहना है सरपंच द्वारा अपने पद का दुरूपयोग करते हुए आदर्श आचरण संहिता का उलघंन किया है। पूर्व में पटवारी द्वारा जारी वंशवृक्ष में भी जीवनदास के पुत्र में दीपक दास मानिकपुरी दर्ज है। पंचायत चुनाव के ठीक पहले 28-12-2024 को जीवनदास को फर्जी प्रमाण पत्र जारी कर राजनैतिक लाभ लेने का प्रयास किया गया है। जबकि जमुना निरंजन पैकरा से मेरी उक्त मामले में कई बार चर्चा भी हुई है, मेरे पूरे मामले की जानकारी भी है। इसके बावजूद भी फर्जी प्रमाण पत्र जारी किया गया है, फर्जी तरीके से प्रमाण पत्र जारी करने वाले सरपंच पर जाँच कर कार्यवाही की मांग की गई है।




