भैसाझार जंगल में हुए अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी, पुरानी विवाद बना हत्या का कारण।

भैसाझार जंगल में हुए अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी, पुरानी विवाद बना हत्या का कारण।
- बिलासपुर पुलिस द्वारा कड़ी मेहनत से हत्या के दोनों आरोपियों को किया गया गिरफ्तार*
- आरोपियों द्वारा पूर्व रंजिश पर घटना को दिया गया था अंजाम।
- आरोपियों द्वारा लोहे के पाईप व लकड़ी के बेंत को हत्या के लिए किया गया था प्रयुक्त।
➡️गिरफ्तार आरोपी :-
1. रंजीत खाण्डे पिता स्व. तितरा राम खाण्डे उम्र 23 वर्ष निवासी भैंसाझार थाना रतनपुर हाल मुकाम भरारी (भुण्डा)
2. सुधीर खाण्डे पिता स्व. तितरा राम खाण्डे उम्र 21 वर्ष निवासी भैंसाझार थाना रतनपुर हाल निवासी भरारी
बिलासपुर। रतनपुर थाना में गुम इंसान सूर्यप्रकाश बघेल के कहीं चले जाने (गुमने) की रिपोर्ट थाना रतनपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिसकी पता तलाश तकनीकी साक्ष्यों के माध्यम से गुम इंसान के घर के निकट स्थित भैंसाझार जंगल एवं डैम के आसपास की जा रही थी, इस दौरान दिनांक 05/12/2025 भैंसाझार जंगल झाड़ियों के बीच गुम इंसान की मोटर सायकल एवं शव संदिग्ध हालत में बरामद हुआ। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह (IPS) ने घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ अर्चना झा, एसडीओपी लालचंद मोहले, FSL एवं डॉग स्कॉट की टीम, तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। प्रकरण में थाना रतनपुर में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध हत्या का अपराध पंजीबद्ध किया गया। विवेचना हेतु पृथक से थाना रतनपुर एवं एसीसीयू की टीम बनाकर घटना से संबंधित समस्त व्यक्तियों से गहन पुछताछ कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर साक्ष्य संकलन किया गया , मृतक से पूर्व में विवाद होने के कारण 3 महीने पूर्व से गांव से अलग रहने वाले, संदेही रंजीत खाण्डे व सुधीर खाण्डे को अभिरक्षा में लेकर तकनीकी साक्ष्य के आधार पर कड़ाई से पुछताछ करने पर उनके द्वारा अपराध करना स्वीकार किया गया , आरोपियों से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल एवं हथियार जप्त किए गए हैं तथा घटना में अन्य सहयोगी व्यक्तियों/पहलुओं के संबंध में लगातार पूछताछ की जा रही है।
उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी रतनपुर उनि कमलेश कुमार बंजारे,SI मेलाराम कठौतिया, सायबर सेल प्रभारी निरी.अजहर उद्दीन, उनि. हेमंत आदित्य, प्र.आर. राहुल सिंह, आतिश पारिख, बलदेव सिंह, कौशल खॅुटे, आर. आकाश डोंगरे, धीरज कश्यप, महादेव कुजूर, तदबीर पोर्ते, दीपक मरावी, प्रशांत सिंह का विशेष योगदान रहा।




