छत्तीसगढ़बिलासपुर संभाग
बेलगहना वनविभाग रेंज में लगाए गए ट्रैप कैमरे से निकला कई जंगली जानवरों का तस्वीर ।

बेलगहना वनविभाग रेंज में लगाए गए ट्रैप कैमरे से निकला कई जंगली जानवरों का तस्वीर ।
बिलासपुर।कोटा बेलगहना रेंज में बाघिन व शावक की तस्वीर ट्रैप कैमरे में कैद करने लगाए गए कैमरे वन मंडल ने निकाल लिए हैं। पर कैमरों में उनकी बजाय सियार व जंगली सूअर की तस्वीर कैद हुई है। इससे वनमंडल को निराशा हाथ लगी है। हालांकि यह भी संतुष्टि जताई जा रही है कि वर्तमान में बाघिन, बाघ या शावक इस रेंज में नहीं हैं। हालांकि जब कभी किसी ग्रामीण द्वारा देखने की पुष्टि की जाती है तो दोबारा उस जगह में इन कैमरों को लगाए जाएंगे। इसके लिए विभाग तैयार है।पिछले कुछ दिनों से बेलगहना व कोटा रेंज में बाघ व तेंदुआ के मूमेंट थे। लगातार बैल, भैंस व बछड़े के शिकार की घटना सामने आने के बाद वन विभाग के अधिकारी सकते में आ गए। उच्चाधिकारियों को इससे अवगत कराते हुए मार्गदर्शन भी मांगा गया। उनके निर्देश पर ही बेलगहना रेंज के एक जगह दो और दूसरे जगह एक ट्रैप कैमरे लगाए गए थे। जहां दो कैमरे लगे थे।दरअसल वहीं ग्रामीणों ने शावक के साथ बाघिन को देखने की जानकारी दी थी। करीब आठ से 10 दिन तक कैमरे लगे रहे। विभाग केवल कैमरों की निगरानी करने के लिए पहुंच रहा था। सभी को उम्मीद थी उनकी यह कोशिश बेकार नहीं जाएगी और बाघ, बाघिन के अलावा शावक की तस्वीरें जरुर कैद होंगी। इन्हीं उम्मीदों के बीच कैमरे निकालकर उनमें लगे चिप को सिस्टम में सेव कर फोटो खंगालें गए।लेकिन सियार, जंगली सूअर व कुछ शाकाहारी वन्य प्राणियों के अलावा किसी दूसरे जानवरों की तस्वीर कैमरे में कैद नहीं हुई। वन विभाग का मानना है कि उन्होंने जगह बदल दी है। पर ग्रामीणों के साथ वन अमले को सचेत रहने के निर्देश दिए गए हैं।




