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एनटीपीसी के कार्य से ग्रामीणों के साथ-साथ अब प्रशासनिक एवं राजनीतिक लोग भी परेशान, मस्तूरी एसडीएम ने राखड उड़ने की समस्या से लेकर अन्य समस्याओं पर प्रबंधन को लगाई फटकार,विधायक बांधी भी दे रहे हैं उग्र आंदोलन की बात।

मस्तूरी एसडीएम पंकज डाहिरे ने शुक्रवार को एनटीपीसी स्थित ऊर्जा भवन में एनटीपीसी प्रबंधन और भू विस्थापितो के साथ बैठक किया। डाहिरे ने एनटीपीसी अधिकारियों पर कड़े शब्दों में नाराज़गी जाहिर किया। उन्होंने कहा कि भुविस्थापितो से सम्बंधित जितने भी मुद्दे और समस्याएं है उसे चार दिनों के अंदर निराकरण कर कार्यालय को लिखित में अवगत कराएं।जानकारी देते चलें कि गुरुवार को एनटीपीसी राखड़ डेम से उड़ते डस्ट से परेशान गतौरा,सुखरीपाली,रॉक,रलिया,हरदाडीह,कौड़िया,भिलाई समेत आसपास के प्रभावित ग्रामो के लोगों ने राखड़ समस्या को लेकर एसडीएम को लिखित शिकायत दर्ज कराया था।
मुद्दे को लेकर एसडीएम पंकज डाहिरे ने एनटीपीसी अधिकारियों और भूविस्थापितों के साथ बैठक कर मामले को समझा। एसडीएम डाहीरे ने इस दौरान राखड़ से होने वाले वायु प्रदूषण को लेकर नारजागी को जाहिर किया। प्रबंधन को निर्देश भी दिया की मामले को गंभीरता के साथ सर्वोच्च प्राथमिकता में लिया जाए। ग्राम वासियों और प्रतिनिधियों से सामंजस्य बनाकर डेम में मिट्टी पटाई और पानी छिड़काव का कार्य तत्काल किया जाए। ताकि ग्रामीणों को उड़ते राखड़ की समस्या से निजात मिले एसडीएम ने एनटीपीसी में एसटी बैकलॉग के रिक्त 154 पदों के आरक्षण की जानकारी को भी मांगा। प्रबंधन ने उच्च कार्यालय से पत्राचार कर जानकारी देने की बात कही । प्रबंधन ने बताया कि 66 लोको पायलट के रिक्त पदों पर रिटायर लोको पायलट विस्थापितों में नहीं है। इसलिए 66 लोको पायलट के पदों को अन्य पदों में समायोजित कर उच्च कार्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है।भुविस्थापितो के 22 प्रकरण इस समय उच्च न्यायालय में है। प्रकरणों की सुनवाई और निराकरण 8 जून को बैठक में होगी।

8 जून को होगी आगामी बैठक बैठक में एसडीएम पंकज डाहिरे ने कहा कि सभी मुद्दों पर फाइनल बैठक 8 जून को होगी। होने वाली बैठक में प्रशासन,एनटीपीसी प्रबंधन और भूमि स्थापितो के बीच प्रकरणों से संबंधित सभी पहलुओं पर चर्चा होगी। एनटीपीसी प्रबंधन विस्थापितों को बैठक में शामिल होने के लिए सूचित करने को कहा।

नाराज ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया सीपत एनटीपीसी के राखड़ डेम से परेशान प्रभावित ग्राम के सैकड़ो महिलाओं ने एसडीएम और कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया। साथ ही मंत्री टीएस सिंहदेव से मुलाकात सभी ने अपनी परेशानियों को साझा किया। इसके अलावा जिला प्रशासन को हफ्ते भर का अल्टीमेटम भी दिया। बताया कि यदि राखङ डेम बंद नहीं किया गया तो कलेक्ट्रेट के सामने ही आत्मदाह करेंगे।

समस्या का समाधान नही हुआ तो करेंगे उग्र आंदोलन-डॉ बांधी जिस वक्त सैकड़ो की संख्या में महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुची उस समय मस्तुरी विधायक डॉ. कृष्मुर्ति बांधी प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव विभागीय बैठक ले रहे थे। इस बीच एनटीपीसी राखड़ डेम से प्रभावित महिलाओं के आने की जानकारी मिलते ही डॉ बांधी बैठक से बाहर आये और ग्रामीण महिलाओं से मिलकर उनकी मांगों का समर्थन किया। मस्तूरी विधायक ने बताया कि एनटीपीसी राखड़ डेम के डस्ट से प्रभावित लोग रात को मुंह ढांककर सोते है। राशन को हमेशा ढककर रखना पड़ता है। बच्चों को दूसरे गांव भेजने को मजबूर होना पड़ता है। बांधी यह भी कहा कि जल्द ही समस्या से छुटकारा नही मिलती है तो ग्राम स्तर से उग्र आंदोलन की तैयारी की जाएगी । इसकी जवाबदेही प्रशासन की होगी।

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